चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस (12621) के जनरल डिब्बे में शनिवार शाम एक ऐसी सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई, जिसने यात्रियों और रेलवे सुरक्षा बल के रोंगटे खड़े कर दिए। ट्रेन के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचते ही जीआरपी ने जनरल कोच से एक लावारिस लाल रंग का ट्रॉली बैग बरामद किया। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर बैग को खोला, तो अंदर का खौफनाक नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया।
पॉलीथिन में पैक था क्षत-विक्षत शव
ट्रॉली बैग के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का शव ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि लाश का सिर और शरीर के कई अहम अंग गायब थे। कातिलों ने पहचान मिटाने की नीयत से शरीर को बेरहमी से काटा था। शव को पहले नीले और पारदर्शी पॉलीथिन में कसकर पैक किया गया था और फिर उसे लाल रंग के बड़े ट्रॉली बैग में बंद कर दिया गया था।
क्या चेन्नई में हुई हत्या? मिला बड़ा सुराग
शुरुआती पड़ताल में आगरा जीआरपी के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगा है। जिस पॉलीथिन में कटी हुई लाश को लपेटा गया था, उस पर चेन्नई की एक दुकान की स्लिप (पर्ची) चिपकी हुई है। पुलिस को प्रबल आशंका है कि मर्डर की इस सनसनीखेज वारदात को चेन्नई या उसके आसपास अंजाम दिया गया है और शव को ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में रख दिया गया।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
- ट्रेन का नाम: तमिलनाडु एक्सप्रेस (चेन्नई सेंट्रल से नई दिल्ली)
- घटनास्थल: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन, उत्तर प्रदेश
- बरामदगी: जनरल बोगी से लाल रंग का ट्रॉली बैग
- शव की हालत: सिर कटे और अंगों से विहीन क्षत-विक्षत बॉडी
- अहम सुराग: पॉलीथिन पर मिली चेन्नई की रसीद/स्लिप
सीसीटीवी खंगाल रही जीआरपी और फॉरेंसिक टीम
घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी आगरा और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पुलिस ट्रेन के पूरे रूट—जैसे विजयवाड़ा, नागपुर, भोपाल और झांसी स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह बैग किसने और किस स्टेशन पर बोगी में चढ़ाया था।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, चेन्नई पुलिस से भी लगातार संपर्क साधा जा रहा है और हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान किया जा रहा है। चलती ट्रेन में इस तरह से कटी हुई लाश मिलने से रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।