Breaking
► भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात ► यूपी-उत्तराखंड समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं ► सुनपुरा गांव पहुंचे विधायक तेजपाल नागर, शहीद लख्मीचंद के परिवार को किया नमन ► लखीमपुर में दरिंदगी: तीन दोस्तों ने युवती को बनाया हवस का शिकार, हालत नाजुक ► एयर इंडिया पायलट का कथित ड्रग्स मामला: आसमान में क्या सचमुच मंडरा रहा है बड़ा खतरा? ► IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच महामुकाबला, जानिए फुल स्कोरकार्ड और मैच का हाल ► गाले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का तूफानी शतक, श्रीलंका की सरजमीं पर भारत मजबूत ► 78 साल बाद चंदौली के इस मंदिर में गूंजा राष्ट्रगान, पूर्व फौजियों ने बिखेरा देशभक्ति का रंग ► वाराणसी MLC चुनाव: नारी वंदन के सहारे मैदान में उतरी बीजेपी, जानिए क्यों है यह बड़ी चुनौती ► NALSAR विवाद पर BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का माफीनामा, छात्रों से की अपील ► भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात ► यूपी-उत्तराखंड समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं ► सुनपुरा गांव पहुंचे विधायक तेजपाल नागर, शहीद लख्मीचंद के परिवार को किया नमन ► लखीमपुर में दरिंदगी: तीन दोस्तों ने युवती को बनाया हवस का शिकार, हालत नाजुक ► एयर इंडिया पायलट का कथित ड्रग्स मामला: आसमान में क्या सचमुच मंडरा रहा है बड़ा खतरा? ► IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच महामुकाबला, जानिए फुल स्कोरकार्ड और मैच का हाल ► गाले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का तूफानी शतक, श्रीलंका की सरजमीं पर भारत मजबूत ► 78 साल बाद चंदौली के इस मंदिर में गूंजा राष्ट्रगान, पूर्व फौजियों ने बिखेरा देशभक्ति का रंग ► वाराणसी MLC चुनाव: नारी वंदन के सहारे मैदान में उतरी बीजेपी, जानिए क्यों है यह बड़ी चुनौती ► NALSAR विवाद पर BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का माफीनामा, छात्रों से की अपील

370 न हटता तो PoK हमारे साथ होता: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा

370 न हटता तो PoK हमारे साथ होता: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा

क्या होता अगर साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 नहीं हटाया गया होता? इस सवाल पर अब सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ऐसा दावा किया है, जो सियासी गलियारों में बहस का नया केंद्र बन गया है। उनका मानना है कि यदि वह ऐतिहासिक फैसला न बदला गया होता, तो आज पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात कुछ और ही होते और वहां के लोग खुद भारत के साथ जुड़ने के लिए सड़कों पर उतर रहे होते।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण में कई तीखे और गंभीर सियासी संदेश दिए। उन्होंने न केवल इतिहास के पन्नों को पलटा, बल्कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

'PoK के लोग हमारे अपने हैं, विधानसभा में बैठेंगे'

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के निवासियों की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बहुत ही भावनात्मक अंदाज में कहा कि PoK के लोग कोई गैर नहीं, बल्कि 'हमारे अपने' हैं।

उमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में आज भी PoK के प्रतिनिधियों के लिए सीटें आरक्षित रखी गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि एक ऐसा दिन जरूर आएगा जब PoK के प्रतिनिधि इन खाली सीटों पर आकर बैठेंगे और लोकतंत्र का हिस्सा बनेंगे।

"यदि 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म नहीं किया गया होता, तो आज पीओके के लोग हमारे साथ फिर से जुड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे होते। वे देखते कि यहां का नागरिक किस तरह तरक्की और अमन की जिंदगी जी रहा है।" - उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर

80 साल पहले के फैसले को बताया 'बिल्कुल सही'

इतिहास के पन्नों को याद करते हुए सीएम ने 80 साल पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं द्वारा लिए गए उस ऐतिहासिक निर्णय का समर्थन किया, जिसके तहत रियासत का विलय भारत में हुआ था। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुल्ला और उन तमाम स्थानीय स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 1947 में कबाइलियों और हमलावरों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।

उन्होंने कहा,

  • सीमा पार (LoC) के हालात देखकर आज यह अहसास होता है कि हमारे पूर्वजों का फैसला बिल्कुल सही था।
  • 'हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार' का नारा देने वाले हमारे बुजुर्गों की दूरदर्शिता पर आज हमें गर्व है।
  • मुजफ्फराबाद में पाकिस्तानी सेना समर्थित हमलावरों को रोकने वाले मास्टर अब्दुल अजीज जैसे शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

संघवाद और लोकतंत्र पर जोर, केंद्रीयकरण की आलोचना

देश के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने लोकतंत्र और संघवाद को भारत के दो सबसे मजबूत स्तंभ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि भारत राज्यों का एक संघ (Union of States) है, इसलिए संघवाद को बचाने और मजबूत करने की पहल की शुरुआत भी जम्मू-कश्मीर से ही की जानी चाहिए।

उन्होंने शासन के बढ़ते केंद्रीकरण पर गहरी चिंता जताई। नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आईआईटी (IIT) जैसे अखिल भारतीय संस्थानों के लिए केंद्रीय परीक्षाएं ठीक हैं, लेकिन स्थानीय और राज्य स्तर के शिक्षण संस्थानों को अपने दाखिले खुद आयोजित करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में हालिया छात्र विरोध प्रदर्शन इसी केंद्रीकृत व्यवस्था की ज्यादतियों का नतीजा हैं।

राज्य के दर्जे की बहाली और युवाओं को भरोसा

अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और पूरी तरह से जवाबदेह शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना और उन्हें अंधकार से उजाले की तरफ ले जाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा और विशेष प्रावधानों से जुड़ी मांगें पूरी की जानी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: उमर अब्दुल्ला ने PoK को लेकर क्या दावा किया है?

A: उमर अब्दुल्ला ने दावा किया है कि यदि 2019 में अनुच्छेद 370 नहीं हटाया गया होता, तो PoK के लोग आज भारत के साथ जुड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे होते, क्योंकि वे यहां के हालात और विकास को देखते।

Q2: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में PoK को लेकर क्या स्थिति है?

A: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में PoK के निवासियों और प्रतिनिधियों के लिए सीटें आज भी आरक्षित रखी गई हैं, और मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में इन सीटों पर काबिज होंगे।

Q3: उमर अब्दुल्ला ने किन परीक्षाओं का उदाहरण देकर केंद्रीकरण पर सवाल उठाए?

A: उन्होंने नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी केंद्रीय प्रवेश परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय और राज्य स्तर के कॉलेजों के लिए दाखिले की प्रक्रिया राज्यों के हाथ में होनी चाहिए।

✍️

रिपोर्टर: Alka Singh

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।