सोचिए, सुबह-सुबह आपके फोन पर या आपके बच्चे के स्कूल में एक ऐसा संदेश पहुंचे, जो आपके पैरों तले जमीन खिसका दे। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में देखने को मिला। जब शहर के एक या दो नहीं बल्कि 16 नामी स्कूलों समेत कुल 19 महत्वपूर्ण ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस सनसनीखेज खबर के सामने आते ही पूरे नागपुर प्रशासन और अभिभावकों में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं इस पूरी घटना की हर एक अंदरूनी बात और वर्तमान स्थिति।
सुबह 9:45 बजे आया पहला धमकी भरा मेल
घटना की शुरुआत मंगलवार की सुबह करीब 9:45 बजे हुई। सबसे पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) को hxggzf7@gmail.com आईडी से एक धमकी भरा ई-मेल मिला। स्कूल प्रशासन ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद जैसे-जैसे वक्त बीता, नागपुर के अन्य प्रतिष्ठित स्कूलों और शासकीय संस्थानों को भी इसी तरह के ई-मेल मिलने लगे।
धमकी मिलने वाले प्रमुख संस्थानों की सूची:
- दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की विभिन्न शाखाएं (कामठी और मिहान)
- केंद्रीय विद्यालय (अजनी, कामठी और सोनेगांव)
- पोद्दार स्कूल (वेलहरी और काटोल रोड)
- सेंटर पॉइंट स्कूल (वर्धमाननगर, काटोल रोड और न्यू कॉलोनी)
- नीरी मॉडर्न स्कूल, लक्ष्मीनगर
- भवन्स की शाखाएं (त्रिमूर्तिनगर, सिविल लाइंस और कोराडी)
- माउंट लिटेरा जी स्कूल, बेसा घोगली
महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि जिलाधिकारी कार्यालय, मनपा मुख्यालय और जिला न्यायालय को भी इस खौफनाक साजिश के तहत निशाना बनाने की धमकी दी गई थी।
पुलिस और बम स्क्वॉड की तत्परता, चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी
सूचना मिलते ही नागपुर पुलिस कमिश्नर (CP) विश्वास नांगरे पाटिल और ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी ने तुरंत कमान संभाली। सभी स्थानीय थानों को अलर्ट किया गया। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तुरंत स्कूलों को खाली कराया गया और छात्रों तथा शिक्षकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए:
- सिटी पुलिस की बीडीडीएस (बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड) की 4 टीमें मैदान में उतरीं।
- अतिरिक्त सहायता के लिए ग्रामीण पुलिस और जीआरपी (GRP) की बीडीडीएस टीमों को भी बुलाया गया।
- दिनभर चले व्यापक तलाशी अभियान के बाद राहत की सांस ली गई, क्योंकि पुलिस को किसी भी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला।
ई-मेल में वीवीआईपी और खालिस्तान का जिक्र
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस धमकी भरे ई-मेल के खतरनाक और सियासी निहितार्थ भी सामने आए। सूत्रों के अनुसार, इस मेल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही, मेल भेजने वाले ने खालिस्तान समर्थकों का हवाला देते हुए 31 अगस्त को बड़े धमाके करने की धमकी दी थी। आरएसएस की शाखाओं और न्यायपालिका को भी विशेष रूप से निशाना बनाने की बात कही गई थी।
अभिभावकों में दहशत, दोपहर में ही स्कूलों की करनी पड़ी छुट्टी
इस सनसनीखेज घटना के बाद सबसे बुरा हाल अभिभावकों का था। जैसे ही सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों के जरिए स्कूलों में बम होने की खबर फैली, माता-पिता तुरंत अपने बच्चों को सुरक्षित घर लाने के लिए स्कूलों की तरफ दौड़ पड़े। कई स्कूलों ने स्थिति को भांपते हुए दोपहर 12 बजे ही छुट्टी घोषित कर दी। हालांकि पुलिस प्रशासन लगातार यह अपील कर रहा था कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बरतें।
वर्चुअल नेटवर्क (Virtual Network) का इस्तेमाल कर भागा आरोपी
साइबर सेल और पुलिस की तकनीकी टीमें अब इस ई-मेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल नेटवर्क का इस्तेमाल किया है।
वर्चुअल नेटवर्क एक ऐसा सॉफ्टवेयर-आधारित सिस्टम है, जिसमें राउटर या स्विच जैसे फिजिकल हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती। यह इंटरनेट के जरिए अलग-अलग सर्वर्स को इस तरह जोड़ता है कि भेजने वाले की असली लोकेशन और पहचान का पता लगाना बेहद कठिन हो जाता है।
भले ही यह एक 'धोखाधड़ी' या महज दहशत फैलाने की साजिश (Hoax Call) साबित हुई हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वर्चुअल नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले इस शातिर शख्स को जल्द ही ढूंढ निकाला जाएगा और सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. नागपुर में किन संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी?
Ans. नागपुर में कुल 19 ठिकानों को धमकी मिली थी, जिसमें 16 नामी स्कूल (जैसे DPS, केंद्रीय विद्यालय, पोद्दार, सेंटर पॉइंट, भवन्स आदि) के अलावा जिलाधिकारी कार्यालय, मनपा मुख्यालय और जिला न्यायालय शामिल थे।
Q2. क्या पुलिस की जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिली?
Ans. नहीं, पुलिस और बीडीडीएस (BDDS) की टीमों द्वारा दिनभर चले सघन तलाशी अभियान के बाद सभी जगहों पर स्थिति सामान्य पाई गई और कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। यह एक अफवाह या दहशत फैलाने की साजिश साबित हुई।
Q3. धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले का पता कैसे लगाया जा रहा है?
Ans. आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल नेटवर्क (Virtual Network) का इस्तेमाल किया था। नागपुर पुलिस की साइबर सेल इस तकनीकी रूप से छिपे हुए मेल के असली सोर्स और आईपी एड्रेस का पता लगाने में जुटी है।