भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। फिल्म 'गजनी' में अपने खौफनाक किरदार से दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देने वाले और बीआर चोपड़ा की ऐतिहासिक 'महाभारत' में 'अश्वत्थामा' की यादगार भूमिका निभाने वाले दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का निधन हो गया है। वह 74 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से कैंसर जैसी घातक बीमारी से जंग लड़ रहे थे।
सह-कलाकार यशपाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। 'लगान' फिल्म में उनके सह-कलाकार और करीबी दोस्त यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर को शेयर करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
यशपाल शर्मा ने बेहद भावुक पोस्ट में लिखा, "प्रदीप रावत, गजनी... हमारे लगान के देवा, RIP।" उनके इस संदेश के बाद से ही सोशल मीडिया पर फैंस और सिनेमा जगत के सितारे उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं।
'अश्वत्थामा' से मिली पहचान, 'गजनी' से बने खौफ का दूसरा नाम
प्रदीप रावत उन चुनिंदा कलाकारों में से एक थे, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर हर भाषा और हर माध्यम में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई ऐसे किरदार निभाए जो आज भी भारतीय दर्शकों के जेहन में जिंदा हैं:
- महाभारत का 'अश्वत्थामा': बीआर चोपड़ा के आइकॉनिक धारावाहिक 'महाभारत' में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी।
- लगान का 'देवा': आमिर खान स्टारर ऑस्कर नामांकित फिल्म 'लगान' में उनके द्वारा निभाया गया 'देवा' का किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया था।
- गजनी का 'टाइटल रोल': साल 2008 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गजनी' में मुख्य खलनायक की भूमिका में उन्होंने जो प्रदर्शन किया, उसने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे क्रूर विलेन्स की सूची में लाकर खड़ा कर दिया।
टीवी से लेकर साउथ सिनेमा तक का शानदार सफर
फिल्मों के अलावा प्रदीप रावत ने छोटे पर्दे पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने 'तहकीकात', 'चंद्रकांता' और 'युग' जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में अहम भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा वे 'मेरी जंग', 'सरफरोश', 'द हीरो: स्टोरी ऑफ ए स्पाय' और 'छावा' जैसी बड़ी हिंदी फिल्मों में नजर आए।
हिंदी सिनेमा के साथ-साथ उन्होंने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी खलनायक की बेहतरीन भूमिकाएं निभाकर अपनी अदाकारी का परचम लहराया। उनके जाने से अभिनय जगत ने एक ऐसा मंझा हुआ कलाकार खो दिया है जिसकी भरपाई होना नामुमकिन है।