अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार की सुबह अपने परिवार के साथ गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध महुडी जैन तीर्थ में हाजिरी लगाई। आगामी श्वेतांबर जैन पर्युषण महापर्व से ठीक पहले हुए इस धार्मिक दौरे ने एक बार फिर उद्योगपति की गहरी आध्यात्मिक आस्था को उजागर किया है। इस विशेष अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी, बड़े बेटे करण अदाणी और बहू परिधि अदाणी भी मौजूद रहीं।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अदाणी परिवार ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आगामी पर्युषण पर्व के मद्देनजर विशेष प्रार्थना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन समुदाय के लिए पर्युषण महापर्व आत्म-शुद्धि, क्षमा और तपस्या का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है।
महुडी तीर्थ का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
ऐतिहासिक रूप से 'मधुपुरी' के नाम से पहचाना जाने वाला महुडी, जैन समाज के सबसे श्रद्धास्पद और प्रमुख तीर्थ स्थलों में शुमार है। यह पवित्र धाम न केवल अपनी शांति के लिए बल्कि अपनी भव्य वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध है।
- भव्य जिनालय: इस पवित्र परिसर में जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकरों के भव्य मंदिर स्थापित हैं।
- घंटाकर्ण महावीर मंदिर: महुडी की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थित श्री घंटाकर्ण महावीर का अलग और भव्य मंदिर है। जैन परंपरा और मान्यताओं के अनुसार, घंटाकर्ण महावीर को रक्षक देव के रूप में पूजा जाता है।
देश-विदेश से जैन श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर और इस रक्षक देव के दर्शन के लिए सालभर महुडी पहुंचते हैं। अदाणी परिवार की इस तीर्थ यात्रा ने एक बार फिर इस प्राचीन स्थल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
कानूनी राहत के बाद आध्यात्मिक शांति की ओर कदम
गौतम अदाणी का यह महुडी दौरा एक ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) से जुड़ी कानूनी कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई है। उनके तथा अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी सहित अन्य के खिलाफ दायर मामले को अमेरिकी अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद से कारोबारी जगत में राहत का माहौल है। ऐसे में संकट के बादल छंटने के बाद ईश्वर के दरबार में जाकर आभार व्यक्त करना उनकी भारतीय संस्कृति और परंपरा में गहरी आस्था को दर्शाता है।
'सेवा ही साधना है' का मूल मंत्र
गौतम अदाणी के जीवन का फलसफा केवल व्यावसायिक सफलताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन ‘सेवा ही साधना है’ से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से वे देश के दूर-दराज के इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई बड़ी पहल संचालित कर रहे हैं। इन सामाजिक कल्याणकारी कार्यों से आज देश भर के लाखों जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल रहा है।
तारांगा हिल्स की यात्रा से जुड़ा पुराना संदर्भ
आध्यात्मिकता के प्रति गौतम अदाणी का झुकाव नया नहीं है। इससे पहले भी वे कई महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रमुख जैन तीर्थों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भी गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी ने उत्तर गुजरात में स्थित ऐतिहासिक तारांगा हिल्स पहुंचकर श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर के दर्शन किए थे और अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए थे।
पर्युषण महापर्व 2026 की रूपरेखा
जैन पंचांग के अनुसार, इस वर्ष श्वेतांबर जैन पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। आठ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का समापन 15 सितंबर को क्षमावाणी और आत्म-निरीक्षण के सबसे बड़े पर्व यानी ‘संवत्सरी’ के साथ होगा। इस दौरान जैन अनुयायी उपवास, स्वाध्याय और धार्मिक अनुष्ठानों में लीन रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रશ્ન 1: महुडी जैन तीर्थ कहाँ स्थित है?
उत्तर: महुडी जैन तीर्थ भारत के गुजरात राज्य के गांधीनगर जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन जैन मंदिर है।
प्रश्न 2: महुडी तीर्थ में किस रक्षक देव की पूजा की जाती है?
उत्तर: महुडी तीर्थ में जैन परंपरा के अनुसार श्री घंटाकर्ण महावीर को रक्षक देव के रूप में पूजा जाता है।
प्रश्न 3: वर्ष 2026 में पर्युषण महापर्व कब से कब तक मनाया जाएगा?
उत्तर: इस वर्ष श्वेतांबर जैन पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक मनाया जाएगा, जिसका समापन संवत्सरी के साथ होगा।