क्या आपने कभी किसी चौराहे पर किसी बच्चे को पट्टी बंधे देखा है और आपका दिल पसीज गया हो? अगर हां, तो यह खबर आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद आप सड़क पर भीख मांगने वालों को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल जाएगा। यह मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया है, जहां इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक शातिर खेल कैमरे में कैद हुआ है।
बालकनी से कैद हुआ सच: क्या है पूरा मामला?
अक्सर हम चौराहों पर देखते हैं कि कुछ लोग चोटिल बच्चों या बुजुर्गों को आगे करके मदद मांगते हैं। हमारा मानवीय स्वभाव तुरंत जेब से पैसे निकालने के लिए मजबूर हो जाता है। लेकिन बरेली से सामने आए इस वायरल वीडियो ने इस पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो को ऋतु जायसवाल नाम की एक महिला ने अपने घर की बालकनी से रिकॉर्ड किया है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं सड़क किनारे या पार्किंग के पास बैठकर एक बच्चे के साथ कुछ अजीब हरकत कर रही हैं। ऋतु जायसवाल ने जब अपने कैमरे से इस दृश्य को जूम करके रिकॉर्ड किया, तो जो सामने आया उसने देखने वाले हर शख्स को हैरान कर दिया।
मेकअप और पट्टी का अजीब खेल
वायरल वीडियो के मुताबिक, महिलाएं बच्चों को इस तरह तैयार कर रही थीं कि उन्हें देखकर ऐसा लगे कि वे किसी भयानक हादसे का शिकार हुए हैं या उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि:
- बच्चों के कानों में रुई डाली जा रही थी ताकि अंदर दवा न जाए।
- इसके बाद कानों और शरीर के अन्य हिस्सों पर दवा और क्रीम लगाई जा रही थी।
- चोट को असली और गंभीर दिखाने के लिए उसके ऊपर सफेद पट्टियां बांधी जा रही थीं।
ऋतु जायसवाल का दावा है कि यह सब सिर्फ इसलिए किया जा रहा था ताकि सहानुभूति बटोरी जा सके। जब लोग ऐसे 'घायल' बच्चों को देखेंगे, तो उनका दिल पिघल जाएगा और वे ज्यादा से ज्यादा पैसे दान करेंगे। यानी, यह भीख मांगने का एक सुनियोजित और शातिर धंधा था।
जब रंगे हाथों पकड़ी गईं महिलाएं
वीडियो बनाने वाली महिला ने बताया कि वह काफी देर से ऊपर से इस पूरे घटनाक्रम को देख रही थीं। लेकिन जैसे ही नीचे बैठी महिलाओं को यह अहसास हुआ कि कोई उन्हें ऊपर से देख रहा है, उनके हाव-भाव बदलने लगे। महिला ने तुरंत वहां से निकलने की कोशिश की।
ऋतु जायसवाल ने जब नीचे खड़े एक बच्चे से सीधे तौर पर पूछा कि क्या उसे सच में चोट लगी है, तो मासूम बच्चे ने तपाक से जवाब दिया कि उसे कोई चोट नहीं लगी है। हालांकि, बच्चे का सच बोलते ही उसकी मां बीच में आ गई और बात को संभालते हुए कहने लगी कि बच्चे को तो सिर्फ 'दाना' निकला है।
इसके बाद जब महिला ने सवाल किया कि अगर सिर्फ एक साधारण दाना है, तो उसके लिए पूरे कान और सिर पर इतनी मोटी पट्टी क्यों बांधी गई है, तो महिलाओं के पास कोई जवाब नहीं बचा।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर अपलोड हुआ, आग की तरह फैल गया। लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'यह तो भीख मांगने का एक हाई-टेक तरीका है, जिसमें बकायदा मेकअप किया जा रहा है।' वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, 'अब तो धोखाधड़ी के लिए भी गजब की मेहनत की जा रही है।'
ज्यादातर सोशल मीडिया यूजर्स का यही सुझाव है कि ऐसे मामलों में लोगों को पैसे देने से बचना चाहिए। यदि आप वाकई किसी की मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें पैसे देने के बजाय खाने की चीजें या जरूरी सामान दें, ताकि उस राशि का गलत इस्तेमाल न हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: बरेली का यह वायरल वीडियो किसने बनाया है?
Ans: यह वीडियो ऋतु जायसवाल नाम की एक महिला ने अपने घर की बालकनी से रिकॉर्ड किया है, जिसमें उन्होंने इस पूरी शातिर प्रक्रिया को कैमरे में कैद किया है।
Q2: वीडियो में महिलाएं क्या करती नजर आ रही हैं?
Ans: महिलाएं बच्चों के शरीर और कानों पर दवा लगाकर उस पर पट्टियां बांध रही हैं ताकि बच्चों को गंभीर रूप से घायल दिखाया जा सके और सहानुभूति मिल सके।
Q3: ऐसे मामलों में आम जनता को क्या करना चाहिए?
Ans: ऐसे मामलों से सतर्क रहना चाहिए और चौराहों पर पैसे देने के बजाय जरूरतमंदों को सीधे भोजन या जरूरी वस्तुएं मुहैया करानी चाहिए।