स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। देश के आन-बान-शान के प्रतीक लाल किले पर इस बार एक नया इतिहास रचा गया, जब राष्ट्रीय गान से पहले 'वंदे मातरम' का गान किया गया। लेकिन, इस राष्ट्रीय पर्व की खुशियों के बीच देश की सियासत में एक बार फिर 'वंदे मातरम' को लेकर जबरदस्त संग्राम छिड़ गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं, और वजह बना है कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस का एक वीडियो।
बीजेपी का तीखा हमला: 'सोनिया गांधी ने रुकवाने की कोशिश की वंदे मातरम'
विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर कांग्रेस मुख्यालय का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संसदीय दल की Chairperson सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नजर आ रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने इस वीडियो के जरिए गांधी परिवार पर सीधा निशाना साधा। बीजेपी ने अपने पोस्ट में लिखा, 'सोनिया गांधी को वंदे मातरम की कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही इसे लेकर असहजता होने लगी। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान और राष्ट्रगीत समाप्त होने के बाद तक परेशान दिखे।'
भगवा पार्टी ने आगे हमलावर रुख अपनाते हुए सवाल किया कि आखिर गांधी परिवार को भारत की सांस्कृतिक चेतना, सभ्यतागत विरासत और राष्ट्रभाव के साथ इतनी असहजता क्यों महसूस होती है?
वंदे मातरम का इतिहास और इसका महत्व
यह पहला मौका नहीं है जब 'वंदे मातरम' देश की राजनीति के केंद्र में आया हो। इस गीत का इतिहास सदियों पुराना और हमारे स्वतंत्रता संग्राम की रीढ़ से जुड़ा रहा है:
- साल 1875: महान लेखक बंकिम चंद्र चटर्जी ने इस अमर गीत की रचना की थी।
- साल 1896: नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कलकत्ता में हुए कांग्रेस अधिवेशन में इसे पहली बार स्वर दिया था।
- साल 1905: बंगाल विभाजन के बाद यह गीत अंग्रेजों के खिलाफ भारत के स्वतंत्रता सेनानियों का सबसे बड़ा प्रेरणा स्त्रोत और विरोध का नारा बन गया।
- साल 1950: स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा द्वारा इसे भारत के 'राष्ट्रीय गीत' के रूप में अपनाया गया।
कांग्रेस ने किया पलटवार, बताया वीडियो का सच
बीजेपी के इन तमाम गंभीर आरोपों को कांग्रेस पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस का दावा है कि उनके मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण बहुत ही सम्मान के साथ गाया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने मीडिया के सामने आकर पूरे घटनाक्रम की एक अलग ही कहानी बयां की। वीडियो में सोनिया गांधी की असहजता और हाथ के इशारों पर सफाई देते हुए जयराम रमेश ने कहा, "चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लंबे समय से खड़े हुए थे, इसलिए सोनिया गांधी उनके बैठने के लिए कुर्सी मांग रही थीं। इसे किसी और रूप में पेश करना बीजेपी की ओछी राजनीति है।"
जयराम रमेश ने पार्टी का इतिहास याद दिलाते हुए 28 अक्टूबर 1937 की कलकत्ता कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर यह तय हुआ था कि कांग्रेस के अधिवेशनों में 'वंदे मातरम' के शुरुआती छंद गाए जाएंगे। तब से लेकर आज तक पार्टी इस परंपरा का पूरी निष्ठा से पालन कर रही है।
क्या है वंदे मातरम के छंदों और विवाद का पूरा सच?
वंदे मातरम के शुरुआती दो छंदों में भारत माता की सुंदरता, हरियाली, जल, फसल और मां के रूप में वंदना की गई है। हालांकि, इसके बाद के छंदों में हिंदू देवी-देवताओं और मां दुर्गा, लक्ष्मी व सरस्वती का उल्लेख आता है। इतिहास के पन्नों को पलटें तो यही वह हिस्सा था जिस पर स्वतंत्रता से पहले कुछ मुस्लिम नेताओं और संगठनों ने आपत्तियां उठाई थीं।
1930 के दशक में जब देश में धर्म आधारित राजनीति ने जोर पकड़ना शुरू किया, तो इस गीत को लेकर दूरियां बढ़ने लगीं। इस बढ़ते विवाद को थामने के लिए कांग्रेस ने उस वक्त इसके शुरुआती दो छंदों को ही राष्ट्रीय आयोजनों में गाने का निर्णय लिया था।
समय बदला और हाल ही में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत के प्रोटोकॉल को लेकर कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। इन नए नियमों के तहत अब राष्ट्रीय कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अब छह छंदों वाला पूरा वंदे मातरम गाना जरूरी है, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट और 10 सेकंड तय की गई है।
बहरहाल, लाल किले से लेकर कांग्रेस दफ्तर तक 'वंदे मातरम' को लेकर छिड़ी यह राजनीतिक जंग इस बात की गवाही देती है कि देश में राष्ट्रवाद, संस्कृति और प्रतीकों की सियासत आने वाले दिनों में और अधिक गर्म होने वाली है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: 15 अगस्त पर इस बार क्या नया बदलाव किया गया था?
Ans: इस स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले समेत सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य रूप से किया गया, जो कि नए प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
Q2: बीजेपी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया है?
Ans: बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी असहज दिखे और सोनिया गांधी ने गीत को बीच में ही रुकवाने का संकेत दिया था।
Q3: कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर क्या सफाई दी है?
Ans: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि वीडियो में सोनिया गांधी कोई गलत इशारा नहीं कर रही थीं, बल्कि वे खड़े-खड़े थक चुके कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।