क्या आपने कभी सोचा है कि सुबह की चाय बेचने या अपने मोहल्ले की गली से गुजरने भर से आपकी जान पर बन आ सकती है? उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से एक ऐसी डरावनी खबर सामने आई है जिसने जिला प्रशासन और नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में शहर के व्यस्त इलाकों में शुमार इंदिरा मार्केट में एक आक्रामक आवारा कुत्ते ने ऐसा तांडव मचाया कि हर कोई सहम उठा। इस कुत्ते ने एक चाय विक्रेता समेत कुल तीन बेकसूर लोगों को काटकर बुरी तरह घायल कर दिया।
इंदिरा मार्केट में अचानक हुआ खूनी हमला
बुधवार का दिन बरेली के इंदिरा मार्केट के व्यापारियों के लिए सामान्य दिनों जैसा नहीं था। बाजार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक खूंखार आवारा कुत्ते ने अचानक राहगीरों और दुकानदारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक और आक्रामक था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
गुलाब नगर के रहने वाले शानू इसी मार्केट में चाय की दुकान चलाते हैं। अपनी रोजमर्रा की तरह वे बुधवार को भी दुकानों पर चाय पहुँचाने जा रहे थे। तभी अचानक उस आक्रामक कुत्ते ने उन पर पीछे से धावा बोल दिया और उनके पैर में गहरे जख्म कर दिए। शानू की चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्राहक तुरंत मदद के लिए दौड़े और लाठी-डंडों की मदद से कुत्ते को भगाया। लेकिन तब तक कुत्ता अपना काम कर चुका था।
एक के बाद एक तीन लोगों को बनाया निशाना
चाय विक्रेता शानू पर हमला करने के बाद भी उस कुत्ते का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने अपनी दहशत का दायरा बढ़ाते हुए कुछ ही मिनटों के भीतर दो और लोगों को अपना शिकार बना लिया।
- पहला शिकार: इंदिरा मार्केट से गुजर रहा एक अन्य राहगीर, जिसे कुत्ते ने गंभीर रूप से घायल कर दिया।
- दूसरा शिकार: जिला पंचायत परिसर के पास से गुजर रहा एक स्थानीय नागरिक, जिसे कुत्ते ने काटकर लहूलुहान कर दिया।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार (First Aid) किया और रेबीज के टीके लगाए। गनीमत रही कि समय पर अस्पताल पहुँचने से स्थिति नियंत्रण में आ गई, वरना यह हमला किसी बड़ी जनहानि में भी बदल सकता था।
महज कुछ दिन पहले शास्त्री मार्केट में भी हुई थी घटना
आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब बरेली में आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला हो। अभी शास्त्री मार्केट में एक स्थानीय व्यापारी को कुत्ते द्वारा काटे जाने का मामला पूरी तरह ठंडा भी नहीं हुआ था कि इंदिरा मार्केट की इस घटना ने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। शास्त्री मार्केट, गली मनिहार, आजमनगर और इंदिरा मार्केट जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इन दिनों आवारा कुत्तों का झुंड आम बात हो गई है।
“शहर के हर वार्ड और गली में कुत्तों और बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। नगर निगम किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।” - पम्मी खां वारसी, अध्यक्ष, जनसेवा टीम
नगर निगम की खामोशी पर भड़के स्थानीय लोग
घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें नगर निगम के अधिकारियों तक पहुंचाई हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
बाजारों में खरीदारी करने आने वाली महिलाओं और बच्चों में इन आवारा जानवरों को लेकर एक अनजाना डर बैठ गया है। माता-पिता अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतराने लगे हैं।
प्रशासन का क्या है कहना?
बढ़ते जनआक्रोश और मीडिया में खबरें आने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि “संबंधित क्षेत्र में विशेष टीम को भेजा जा रहा है। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि आम जनता को इस परेशानी से निजात मिल सके।”
बहरहाल, सवाल यह है कि क्या नगर निगम की यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या फिर शहरवासियों को वास्तव में इन आक्रामक जानवरों के आतंक से मुक्ति मिल पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल बरेली के लोगों के दिलों में आवारा कुत्तों का खौफ साफ तौर पर देखा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बरेली में आवारा कुत्ते के हमले की ताज़ा घटना कहाँ हुई?
यह घटना बरेली के व्यस्त इंदिरा मार्केट और उसके आसपास के इलाकों में हुई, जहाँ एक आक्रामक कुत्ते ने चाय विक्रेता समेत तीन लोगों को घायल कर दिया।
2. घायलों को तुरंत क्या इलाज दिया गया?
सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और रेबीज (Rabies) के इंजेक्शन लगाए।
3. नगर निगम ने इस समस्या पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने आश्वासन दिया है कि निगम की विशेष टीमों को भेजकर आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।